Bulb ka avishkar kisne kiya?{उस वैज्ञानिक के बारे में 5 फैक्ट्स}

नमस्कर दोस्तों स्वागत है आपका हमारे इस नए पोस्ट में! क्या आप जानते हैं कि bulb ka avishkar kisne kiya ? आज की इस पोस्ट में आपको हम इसके बारे मे पूरी जानकारी देंगे तथा इसका पूरा इतिहास आपके समक्ष रखेंगे।

अगर आप नहीं जानते कि bulb ka avishkar kisne kiya ? तो कृपया इस लेख को अंतिम तक जरूर पढ़ें क्योंकि इसके आखिर तक हम आपको कुछ ऐसी जानकारी देंगे जो आप शायद नहीं जानते होंगे। दोस्तों पेपर में लिखने के केवल यह जानना जरूरी नहीं है कि आखिर bulb ka avishkar kisne kiya ? बल्कि यह जानना भी अति आवश्यक है कि इसके बनने में कितनी मेहनत लगी होगी तथा उस वैज्ञानिक ने इसका आविष्कार आखिर क्या सोचकर किया होगा?

bulb ke avishkar से पहले एक समय था जब लोग रौशनी के लिए दियों का इस्तेमाल करते थे, दियों के इस्तेमाल से कई दुर्घटनाएं भी हो जाती थी। इसलिए हम सभी को अपने जीवन में रौशनी के लिए bulb ke avishkar की बहुत ही जरूरत थी। परंतु तब लोग यह नहीं जानते थे कि वह उपकरण बल्ब ही होगा।

लेकिन जब थॉमस अल्वा एडिसन जी ने bulb ka avishkar kiya तो ऐसा लगा जैसे पूरी दुनिया की तस्वीर ही बदल गई हो। अब लोगों को अंधेरे से ज्यादा डरने की जरूरत नहीं थी हम सब बल्ब का इस्तेमाल घर में ही नहीं बल्कि घर के बाहर भी करने लगे। तो दोस्तों चलिए जानते हैं कि bulb ka avishkar kisne kiya तथा इस आविष्कार के पीछे एक वैज्ञानिक कि कितनी मेहनत लागी वहीं, इसके अलावा आपको कुछ जरूरी जानकारियों के बारे में भी पता चलेगा।

बल्ब क्या है?

बल्ब वास्तव में एक उपकरण है जो बिजली से जुड़ा होने पर प्रकाश प्रदान करता है। आपको जहां भी करंट मिले यानि की बिजली कि सुविधा हो, आप बल्ब को उस जगह इस्तेमाल कर सकते हैं। बल्ब में एक तार होता है जो कि टंगस्टन (Tungsten) का बना होता है जिसका प्रतिरोध बहुत ही ज्यादा होता है। ज्यादा प्रतिरोध होने के कारण वह ज्यादा गर्म होता है । और जब उसमें से विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है तो वह गर्म होकर प्रकाश देता है।

बल्ब का इस्तेमाल हम सभी अपने घरों में रोशनी के लिए करते हैं, हमने कभी नहीं सोचा था कि यह भी एक बड़ी खोज है और आज बल्बों की इतनी जरूरत है कि इसके बिना हमारे घरों में रौशनी ही नहीं होगी। लेकिन पिछले कुछ समय से बल्ब की सीएफएल (Compact fluorescent lamp) ने ले ली है क्योंकि यह बल्ब से कम बिजली लेता है और यह ज्यादा रोशनी भी देता है और इसमें एलईडी बल्ब भी शामिल है।

Bulb ka Avishkar Kisne Kiya और कब?

दोस्तों बल्ब का आविष्कार इतिहास के महान वैज्ञानिक थॉमस अल्वा एडिसन ने 1879 में किया था, एडिसन उस समय के प्रसिद्ध वैज्ञानिक थे जिन्होंने कई सारे विफलताओं के बाद भी अपनी इस खोज को जारी रखा और एक दिन अपने सपने को सफल बनाया और आज इन्हें इतने सालों बाद भी केवल इसलिए याद किया जाता है क्योंकि इन्होंने बल्ब का आविष्कार किया।

Bulb ka avishkar kisne kiya

बल्ब का आविष्कार कैसे हुआ?

अब जब आप लोगों को यह पता चल गया है कि bulb ka avishkar kisne kiya और कब किया था। तो ऐसे में अब बारी यह जानने की है कि इन सब बातों के पीछे की कहानी क्या है?

बिजली का उपयोग करके प्रकाश उत्पन्न करने का विचार सबसे पहले अंग्रेजी रसायनज्ञ Humphry Davy (हंफ्री डेवी) के दिमाग में आया। इस बात को 200 से अधिक वर्ष हो चुके है । उन्होंने सबसे पहले यह दिखाया कि जब तारों से बिजली प्रवाहित की जाती है, तो वह तार गर्म होकर प्रकाश उत्पन्न करता है।

वहीं, उनके द्वारा तैयार किए गए पहले युग के उपकरण केवल कुछ घंटों के लिए चल पाते थे। लेकिन अमेरिकी आविष्कारक थॉमस एडिसन को बल्ब का आविष्कार करने का पूरा श्रेय दिया जाता है क्योंकि उन्होंने 1879 में कार्बन फिलामेंट लाइट बल्ब का आविष्कार कर पूरी दुनिया में पेश किया था।

एडिसन ने पतले कार्बन फिलामेंट के साथ साथ एक बेहतर डिजाइन भी पेश किया जिसमें बेहतर वैक्यूम का इस्तेमाल किया गया, जो बाद में वैज्ञानिक और व्यावसायिक दोनों चुनौतियों को खत्म करने में सफल रहा और आखिरकार लाइट बल्ब तैयार हो गया।

Bulb ka avishkar kisne kiya

थॉमस एल्वा एडिसन के बारे में 5 फैक्ट्स

  • दोस्तों बिजली के बल्ब का आविष्कार करने में उन्होंने कड़ी मेहनत की थी, एडिसन बल्ब बनाने में 10 हजार बार से अधिक बार असफल हुए। जिस पर उन्होंने कहा था कि – ‘मैं कभी नाकाम नहीं हुआ बल्कि मैंने 10,000 ऐसे रास्ते निकाले लिए जो मेरे काम नहीं आ सके
  • दोस्तों एडिसन ने अपनी पहली प्रयोगशाला सिर्फ 10 साल की उम्र में ही बना ली थी। उनकी माता ने उन्हें एक ऐसी पुस्तक दी थी जिसमें कई सारे रसायनिक प्रयोग दिए हुए थे। एडिसन को यह पुस्तक बहुत ही अच्छी लगी और उन्होंने अपने सारे पैसे रसायनो पर खर्च करके यह सारे प्रयोग कर डाले।
  • दोस्तों एडिसन को अपने बचपन में प्रयोग जारी रखने के लिए पैसो की जरूरत होती थी। पैसे कमाने के लिए वह ट्रेन में अखबार और सब्जी बेचते थे।
  • एडिसन को पहली बार बल्ब बनाने में 40 हजार डॉलर की लागत आई थी।
  • थॉमस एडिसन कि मृत्यु 18 अक्टूबर 1931 को हुई।

Bulb ka Avishkar Kisne Kiya और कब? पूरा इतिहास !

दोस्तों बल्ब Bulb ka Avishkar Kisne Kiya ? ये जानने के बाद अब इसका इतिहास जानना भी आवश्यक है, 1878 में Humphry Davy (हंफ्री डेवी), Joseph Swan (जोसफ स्वान) और थॉमस एल्वा एडिसन द्वारा बल्ब का आविष्कार किया गया था। 14 अक्टूबर, 1878 को, एडिसन ने अपना पहला पेटेंट आवेदन “विद्युत प्रकाश व्यवस्था में सुधार के लिए” दायर किया, जिसे एडिसन और उनकी टीम ने खोजा था, जो कि एक कार्बनयुक्त बांस फिलामेंट था, जो 1200 से अधिक घंटे चल सकता था। इस अविष्कार से पहले बहुत प्रयास किए गए थे जिससे यह अधिक घंटों तक चल सके।

1802 में, हम्फ्री डेवी ने पहली इलेक्ट्रिक लाइट का आविष्कार किया। उन्होंने बिजली के साथ प्रयोग किया और एक इलेक्ट्रिक बैटरी का आविष्कार किया जब उन्होंने अपनी बैटरी से तारों को जोड़ा और कार्बन का एक टुकड़ा, कार्बन ग्लॉड, प्रकाश का निर्माण किया, उनके आविष्कार को इलेक्ट्रिक आर्क लैंप के रूप में जाना जाता था, और जब यह प्रकाश उत्पन्न करता था, तो यह लंबे समय तक बहुत उज्ज्वल था। 

1850 में जोसेफ विल्सन स्वान नामक एक अंग्रेजी भौतिक वैज्ञानिक ने एक खाली कांच के बल्ब में कार्बोनेटेड पेपर फिलामेंट्स को संलग्न करके एक “लाइट बल्ब” बनाया, और 1860 तक वह एक काम करने वाला प्रोटोटाइप था, लेकिन एक अच्छे वैक्यूम और बिजली की पर्याप्त आपूर्ति की कमी के कारण अभी भी ये बल्ब सुविधाजनक नहीं थे, 1870 के दशक में बेहतर वैक्यूम पंप उपलब्ध हो गए और जोसेफ विल्सन स्वान ने प्रकाश बल्ब पर प्रयोग करना जारी रखा। 

अंततः 1879 में थॉमस एल्वा एडिसन ने इसका पेटेंट खरीद दिया, जिसके बाद उन्होंने एक सुविधाजनक प्रकाश बल्ब का आविष्कार किया जो एक बहुत बड़ा आविष्कार था।

क्या सच में Edison जी ने ही बल्ब का आविष्कार किया था?

दोस्तों आपके मन में यह सवाल जरूर उठा होगा कि इसमे तो कई सारे वैज्ञानिकों ने अपना योगदान दिया है लेकिन हम हमेशा Bulb ka Avishkar Kisne Kiya ? प्रश्न के उत्तर में एडिसन जी का नाम ही लिखते हैं क्योंकि इसके पीछे बहुत सारे कारण हैं ।

जैसे, जितने भी बड़े बड़े आविष्कार आज तक इस दुनियाँ में किये गये हैं, उसमें भी किसी न किसी रूप में लोगों का थोडा थोडा हाथ रहा है। ठीक ऐसे ही modern light bulb का आविष्कार भी असलियत में एक सम्मिलित प्रयास है।

लेकिन इस बात से भी कोई इनकार नहीं कर सकता कि बल्ब के अविष्कार में Thomas Edison जी का योगदान सबसे ज्यादा है light bulb के evolution से लेकर उसके commercial production तक उनका योगदान स्मरणीय है। ऐसा इसलिए क्योंकि Edison ही ऐसे एकमात्र वैज्ञानिक थे जिन्होंने के पहला commercially practical बल्ब तैयार किया था।

Bulb कितने प्रकार के होते है?

बाजार में कई तरह के बल्ब उपलब्ध हैं, लेकिन सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले बल्ब नीचे दिए गए हैं।

  • अत्यधिक चमकीले बल्ब
  • फ्लोरोसेंट लैंप
  • कॉम्पैक्ट फ्लोरोसेंट लैंप (सीएफएल)
  • प्रकाश उत्सर्जक डायोड (एलईडी)
  • हलोजन बल्ब

LED Bulb का आविष्कार किसने किया था?

दुनिया का पहला एल. ईडी बल्ब का आविष्कार 1962 में अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनी ‘जनरल इलेक्ट्रिक’ में काम करने वाले इंजीनियर निक होलोनीक ने किया था। इस साल इस बल्ब के आविष्कार को 57 साल हो चुके हैं। एडिसन द्वारा आविष्कार किए गए गरमागरम बल्ब के स्थान पर आज इसका उपयोग पूरी दुनिया में किया जा रहा है।

बिजली के बल्ब में अक्रिय गैस क्यों भरी जाती है?

बिजली के बल्ब में अक्रिय गैस भरी जाती है क्योंकि यह बिजली के बल्ब में मौजूद टंगस्टन से प्रतिक्रिया नहीं करता है और टंगस्टन जल्दी खराब नहीं होता है।

FAQ About :-  Bulb ka Avishkar Kisne Kiya?

यहाँ नीचे कुछ प्रश्न और उत्तर हैं जो कि Bulb ka Avishkar Kisne Kiya? से संबंधित है-

बल्ब का आविष्कार कैसे हुआ ?

बिजली का उपयोग करके प्रकाश उत्पन्न करने का विचार सबसे पहले अंग्रेजी रसायनज्ञ हम्फ्री डेवी के दिमाग में आया। उन्होंने सबसे पहले यह दिखाया कि जब तारों से बिजली प्रवाहित की जाती है, तो वह तार गर्म होकर प्रकाश उत्पन्न करता है। 

लाइट की खोज कब हुई ?

बल्ब का आविष्कार थॉमस अल्वा एडिसन ने 1879 में किया था, एडिसन उस समय के प्रसिद्ध वैज्ञानिक थे।

भारत में लाइट कब आई ?

भारत में बिजली की शुरुआत सबसे पहले कोलकाता (तत्कालीन कलकत्ता) में हुई थी। पहली बिजली की रोशनी कलकत्ता में 1879 में और फिर 1881 में जलाई गई थी।

सबसे पहले बल्ब की खोज किसने की थी ?

सबसे पहले बल्ब कि खोज थॉमस एल्वा एडिसन ने की। 

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आज आपने क्या सीखा?

मुझे उम्मीद है कि Bulb ka Avishkar Kisne Kiyaइस पर मेरा यह लेख आपको पसंद आया होगा। मुझे लगा कि  readers को लाइट बल्ब का अविष्कार कब हुआ इस विषय में पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें इस article के सन्दर्भ में दुसरे sites या internet में खोजने की जरुरत न पड़े।

अगर आपको Bulb ka Avishkar Kisne Kiya ? लेख के बारे में कोई संदेह है या आप चाहते हैं कि इसमें कुछ सुधार होना चाहिए, तो आप इसके लिए नीचे टिप्पणी लिख सकते हैं।

5 thoughts on “Bulb ka avishkar kisne kiya?{उस वैज्ञानिक के बारे में 5 फैक्ट्स}”

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