Silai Machine ka Avishkar kisne Kiya? 2022

नमस्कार दोस्तों स्वागत हैं आपका हमारे इस नए आर्टिकल में आज हम आपको बताने वाले है कि आखिर silai machine ka avishkar kisne kiya? दोस्तों ऐसा तो कतई नहीं हो सकता कि आप सिलाई मशीन को न जानते हों क्योंकि यह हम भारतीयों कि दैनिक उपयोग कि चीजों में से ही एक हैं। लेकिन यह बात और है कि silai machine ka avishkar kisne kiya? अविष्कार किसने किया यह बात बहुत कम ही लोग जानते हैं। 

तो दोस्तों अगर आप यह पूरी तरह जानना चाहते हैं कि silai machine ka avishkar kisne kiya तो आप इस लेख को पूरा पढ़ सकते हैं इसमे आपको सिलाई मशीन के बारे मे एक – एक बात पूरी संक्षिप्त में जानने को मिलेगी। 

हाथ से सिलाई करना एक प्राचीन कला है जिससे हम हाथ से कई तरह के कपड़े सिलते थे। यह कला 20000 साल पुरानी है, उस समय की सिलाई में जानवरों की हड्डियों और सींगों से सुइयां बनाई जाती थीं। इसी तरह धीरे-धीरे लकड़ी की सुइयां बनने लगीं और इसी तरह हाथ सिलने में भी काफी प्रगति हुई। 

19वीं शताब्दी में पेडल मशीनों का आविष्कार हुआ और फिर आधुनिक काल में कम्प्यूटरीकृत system बनाए गए। आज हम कई तरह के कपड़े पहनते हैं और इसका पूरा श्रेय हमारे Scientists को ही जाता है जिन्होंने सिलाई मशीन में योगदान दिया, जिनके योगदान से न केवल सिलाई में विविधता आई, बल्कि कई लोगों को इससे रोजगार मिला, खासकर महिलाओं को। तो आज हम बात करने जा रहे हैं silai machine ka avishkar kisne kiya।

सिलाई मशीन क्या है? 

सिलाई मशीन एक यांत्रिक उपकरण है जिसका उपयोग किसी कपड़े या अन्य चीज़ को एक धागे या तार से सिलने के लिए किया जाता है। इनका आविष्कार पहली औद्योगिक क्रांति के दौरान हुआ था। सुंदर कपड़े पहनने के लिए सिलाई मशीनों द्वारा छोटे और बड़े बैग, चादरें, पतली या मोटी रजाई सिल दी जाती है। सुंदर कढ़ाई की जाती थी और बहुत कुछ किया जाता था।

कपड़ा, चमड़ा आदि सिलाई जैसे विभिन्न कार्यों के लिए दो हजार से अधिक प्रकार की मशीनों का उपयोग किया जाता था। अब बटन सिलाई, टिका बनाने, के लिए सभी प्रकार की मशीनें अलग-अलग बनने लगी हैं। अब सिलाई मशीन भी बिजली से चलती है।

silai machine ka avishkar kisne kiya?

सिलाई मशीन के कई प्रकार हुए हैं और इसका श्रेय सिर्फ एक वैज्ञानिक को नहीं दिया जा सकता है। 5 व्यक्तियों ने सिलाई मशीन के जन्म में सबसे अधिक योगदान दिया और ये हैं वाटर हंट, एलियास होवे, जोसेफ मेडास्पागर, बर्थलेमी थिमोनियर और एलन बी विल्सन

जोसेफ मदर्सपर्गर ने सिलाई मशीन का आविष्कार कब किया था?

सिलाई मशीन का आविष्कार किसने किया :- जोसेफ मदरस्पार्गर ने साल 1814 में सिलाई मशीन का आविष्कार किया था और उन्हें इस अद्भुत आविष्कार के लिए पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। जोसेफ ने वर्ष 1841 में एक बुनाई मशीन भी बनाई।

बार्थलेमी थिमोनियर ने सिलाई मशीन का आविष्कार कब किया था?

silai machine ka avishkar kisne kiya :- बार्थलेमी थिमोनियर ने वर्ष 1829 में सिलाई मशीन का आविष्कार किया और वर्ष 1830 में अपना पेटेंट जारी करने के लिए फ्रांसीसी सरकार को प्रस्तुत किया। उन्होंने बड़े पैमाने पर कपड़े बनाने वाली कंपनी खोली और कई लोगों के लिए रोजगार बन गए।

लेकिन सेना की वर्दी बनाने के काम के कारण ही कुछ मजदूर वर्ग के लोगों ने बहुत गुस्सा किया और कंपनी में आग लगा दी।

वाल्टर हंट

silai machine ka avishkar kisne kiya :- वाल्टर हंट प्रसिद्ध मैकेनिक वाल्टर हंट का जन्म 29 जुलाई, 1796 को न्यूयॉर्क शहर में हुआ था। उन्होंने छोटे से बड़े उपकरणों का निर्माण किया है जो हमारी दिनचर्या को आसान बनाते हैं – जैसे स्पिनर, चाकू, शार्पनर, स्वीपिंग मशीन। उनका अद्भुत आविष्कार था फोल्कस्टिच सिलाई मशीन जो काफी लोकप्रिय हुई।

एलियास होवे

silai machine ka avishkar kisne kiya :- एलियास होवे का जन्म 9 जुलाई, 1819 को मैसाचुसेट्स शहर में हुआ था। उन्होंने उसी शहर से एक कपड़ा कंपनी भी शुरू की। ऐलिस को छोटी उम्र से ही मशीन रिपेयरिंग और अविष्कार का बहुत शौक था, ठीक इसी तरह उन्होंने मशीन पर रिसर्च की। 1845 में, Allais ने अपनी पहली आविष्कार मशीन का पेटेंट कराया।

इस मशीन को बनाने में कई वैज्ञानिक लगे हुए थे, लेकिन Allais इस स्वचालित मशीन के पहले निर्माता बने। सुई में छेद, लॉक चेन स्टिचिंग के लिए कपड़े के नीचे शटल बनाए जाते थे और ऑटोमेटिक फीड इस मशीन की विशेषता है –

इस मशीन को सबसे पहले ब्रिटेन नामक शहर में एलॉयज के भाई ने लगभग 250 पाउंड में बेचा था। अलियास होवे के इस योगदान के लिए उन्हें वर्ष 1846 में यूनाइटेड स्टेट्स पेटेंट से सम्मानित किया गया था।

एलन बी. विल्सन ने सिलाई मशीन का आविष्कार कब किया था?

silai machine ka avishkar kisne kiya :- एलन बी. विल्सन – वर्ष 1851 में विल्सन ने रोटरी सिलाई मशीन का निर्माण किया, इस मॉडल में उन्होंने रोटरी हुक की उपरोक्त संरचना तैयार की।

सिलाई मशीन के प्रकार 

सिलाई मशीन तीन प्रकार की होती है – मैकेनिकल सिलाई मशीन, इलेक्ट्रॉनिक सिलाई मशीन और कम्प्यूटरीकृत सिलाई मशीन।

यांत्रिक सिलाई मशीन

मैकेनिकल सिलाई मशीन एक सरल और आसान मशीन है, इस मशीन की लागत बहुत कम है लेकिन इसे सिलने में बहुत समय लगता है। यांत्रिक सिलाई मशीन दो प्रकार की होती है – हाथ से चलने वाली मशीन और पेडल सिलाई मशीन हाथ से चलने वाली मशीन – यह मशीन घर पर चलने के लिए काफी उपयुक्त है, इसमें मशीन के पहिये से जुड़ा एक हैंडल होता है, जिसे घुमाने पर सिला जाता है। 

पेडल सिलाई मशीन

इस मशीन में छर्रों की बेल्ट होती है और इसमें हाथ हिलाने की जरूरत नहीं होती है। इसमें नीचे की तरफ एक पेडल होता है जिसे आपको अपने पैर से हिलाना होता है, बेल्ट को घुमाकर सिलाई की जाती है। इस मशीन में न तो हाथ की जरूरत होती है और न ही बिजली की। 19वीं सदी तक यह बड़ी-बड़ी कंपनियों में चलता था, आज भी आधुनिक समय में कई घरों में इसका इस्तेमाल होता है।

इलेक्ट्रॉनिक सिलाई मशीन

वर्ष 1970 में इलेक्ट्रॉनिक मशीन बहुत लोकप्रिय हुई। इस मशीन में मोटर के उपयोग से मशीन को नियंत्रित किया जाता है। इस मशीन में पेरो की जगह इलेक्ट्रॉनिक मोटर का इस्तेमाल किया जाता है, जो बिजली से चलती है। इसमें आधुनिक सुविधाएं हैं, जिसके कारण सिलाई की गति बहुत अधिक होती है और आप इसमें कई तरह के कपड़े सिल सकते हैं।

कम्पूटराइज़्ड सिलाई मशीन

20वीं सदी में इस मशीन का डिजाइन काफी अलग है। यह मशीन कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के आधार पर चलती है। कंप्यूटर में विभिन्न डिजाइन फीड किए जाते हैं, जिन्हें बाद में सॉफ्टवेयर के माध्यम से मशीन में स्टोर किया जाता है। इस मशीन में आप कई तरह के एम्ब्रॉयडरी फैब्रिक, लेस, जेकक्वार्ड फैब्रिक तैयार कर सकते हैं।

भारत में सिलाई मशीन

जिस प्रकार कृषि हमारे भारत का मुख्य व्यवसाय है, उसी प्रकार सिलाई भी हमारे देश का मुख्य व्यवसाय है। भारत में सिलाई मशीन की शुरुआत 1935 में हुई थी। कोलकाता शहर में ऊषा नाम की मशीन का अध्ययन पूरे देश में किया गया था। आज के दौर में भी उषा ब्रांड पहले नंबर पर है और यह नाम हर घर में काफी मशहूर है।

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आज आपने क्या सीखा?

तो दोस्तों आज आपने जाना कि silai machine ka avishkar kisne kiya? और मैंने आपको सिलाई मशीन के बारे में सारी जानकारी दी, अब अगर आपका कोई सवाल है तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते हैं। इस लेख के अंत तक हमारे साथ बने रहने के लिए धन्यवाद। आशा है आपको यह लेख पसंद आया होगा।

Manshu Sinha

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