टाइगर श्रॉफ कि फिल्म हुई फ्लॉप? Heropanti 2 Movie Review in hindi

असली Heropanti लोगों से जीतने में नहीं, लोगों को जीतने में है’ Heropanti 2 का यह डायलॉग फिल्म के दूसरे ट्रेलर लॉन्च के बाद मशहूर हो गया।

दरअसल टाइगर की डेब्यू फिल्म हीरोपंती के बाद जिस तरह से इसके पार्ट 2 की धमाकेदार, हाई ऑक्टेन एक्शन और टाइगर-नवाज की जुगलबंदी के साथ दो ट्रेलर रिलीज हुए थे, उससे फैंस को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि टाइगर श्रॉफ की हीरोपंती दर्शकों का दिल जीतने में नाकाम रही है।

SSR केस के बाद से जब भी कोई फिल्म बॉलीवुड से लॉन्च होती है पीट जाती है, अब फैंस का रुख ज्यादातर साउथ कि तरफ होता जा रहा है। 

एक के बाद एक बॉलीवूड के मूवी हो रहे हैं फ्लॉप 

हालाँकि, कहानी बहुत ही दिलचस्प तरीके से शुरू होती है, जहाँ जादूगर लैला (नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी) एक शातिर धोखेबाज हैकर है जो वित्तीय वर्ष के समापन पर भारत के सभी टैक्स मनी को हैक करने की कोशिश कर रहा है। दूसरी ओर, बबलू (टाइगर श्रॉफ) एक महत्वाकांक्षी हैकर है जो पैसा बनाकर पैसा कमाना चाहता है।

एक सरकारी मिशन पर लैला के कवर को उजागर करने के लिए बबलू को नियुक्त किया जाता है, लेकिन वहाँ बबलू को न केवल लैला की बहन इनाया (तारा सुतारिया) से प्यार हो जाता है, बल्कि हैकिंग के गलत कारोबार में लैला का साथी भी बन जाता है। बबलू की अंतरात्मा तब जागती है जब उसकी मुलाकात अमृता सिंह से होती है, जो इस धोखाधड़ी की शिकार है। जब लैला को इस बात का पता चलता है तो वह अमृता को मारने की कोशिश करता है, उसके बाद बबलू अपनी मां को बचाने और अपराधियों को जेल भेजने की कसम खाता है।

इस फिल्म में टाइगर के एक्शन और माचो इमेज के मुताबिक डायरेक्टर अहमद खान ने कमाल के एक्शन, रोमांस, गाने, मां के इमोशन, विलेन से पंगा, सोशल मैसेज, फॉरेन लोकेशन जैसे तमाम तत्वों को भर दिया, लेकिन हीरोपंती 2 स्वादिष्ट बिरयानी नहीं बन पाई . पाई और इसकी सबसे बड़ी वजह थी बिना सिर वाली कहानी और कमजोर पटकथा। टाइगर की वीरता दिखाने के लिए अहमद खान ने फिल्म में कई ओवर-द-टॉप सीन रखे हैं, लेकिन कुछ ऐसे हैं जो हास्यास्पद लगते हैं।