जानिए कैसे हुआ था बल्ब का आविष्कार  कोई नहीं जनता ये फैक्ट्स!

 आज आपको हम बल्ब के आविष्कार से जुड़े अनसुने किस्से बताएंगे  इसका पूरा इतिहास आपके समक्ष रखेंगे।

अगर आप नहीं जानते कि bulb ka avishkar kisne kiya ? तो कृपया इस लेख को अंतिम तक जरूर पढ़ें क्योंकि इसके आखिर तक हम आपको कुछ ऐसी जानकारी देंगे जो आप शायद नहीं जानते होंगे। दोस्तों पेपर में लिखने के केवल यह जानना जरूरी नहीं है कि आखिर bulb ka avishkar kisne kiya ? बल्कि यह जानना भी अति आवश्यक है कि इसके बनने में कितनी मेहनत लगी होगी तथा उस वैज्ञानिक ने इसका आविष्कार आखिर क्या सोचकर किया होगा?

लेकिन जब थॉमस अल्वा एडिसन जी ने bulb ka avishkar kiya तो ऐसा लगा जैसे पूरी दुनिया की तस्वीर ही बदल गई हो। अब लोगों को अंधेरे से ज्यादा डरने की जरूरत नहीं थी हम सब बल्ब का इस्तेमाल घर में ही नहीं बल्कि घर के बाहर भी करने लगे।  इस आविष्कार के पीछे एक वैज्ञानिक कि कितनी मेहनत लागी वहीं, इसके अलावा आपको कुछ जरूरी जानकारियों के बारे में भी पता चलेगा।

Green Star

बल्ब क्या है?

बल्ब वास्तव में एक उपकरण है जो बिजली से जुड़ा होने पर प्रकाश प्रदान करता है। आपको जहां भी करंट मिले यानि की बिजली कि सुविधा हो, आप बल्ब को उस जगह इस्तेमाल कर सकते हैं। बल्ब में एक तार होता है जो कि टंगस्टन (Tungsten) का बना होता है जिसका प्रतिरोध बहुत ही ज्यादा होता है। ज्यादा प्रतिरोध होने के कारण वह ज्यादा गर्म होता है । और जब उसमें से विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है तो वह गर्म होकर प्रकाश देता है।

Green Star

बल्ब का इस्तेमाल हम सभी अपने घरों में रोशनी के लिए करते हैं, हमने कभी नहीं सोचा था कि यह भी एक बड़ी खोज है और आज बल्बों की इतनी जरूरत है कि इसके बिना हमारे घरों में रौशनी ही नहीं होगी। लेकिन पिछले कुछ समय से बल्ब की सीएफएल (Compact fluorescent lamp) ने ले ली है क्योंकि यह बल्ब से कम बिजली लेता है और यह ज्यादा रोशनी भी देता है और इसमें एलईडी बल्ब भी शामिल है।

Green Star

Bulb का आविष्कार किसने किया? 

दोस्तों बल्ब का आविष्कार इतिहास के महान वैज्ञानिक थॉमस अल्वा एडिसन ने 1879 में किया था, एडिसन उस समय के प्रसिद्ध वैज्ञानिक थे जिन्होंने कई सारे विफलताओं के बाद भी अपनी इस खोज को जारी रखा और एक दिन अपने सपने को सफल बनाया और आज इन्हें इतने सालों बाद भी केवल इसलिए याद किया जाता है क्योंकि इन्होंने बल्ब का आविष्कार किया।

Green Star

बल्ब का आविष्कार कैसे हुआ?

अब जब आप लोगों को यह पता चल गया है कि bulb ka avishkar kisne kiya और कब किया था। तो ऐसे में अब बारी यह जानने की है कि इन सब बातों के पीछे की कहानी क्या है? बिजली का उपयोग करके प्रकाश उत्पन्न करने का विचार सबसे पहले अंग्रेजी रसायनज्ञ Humphry Davy (हंफ्री डेवी) के दिमाग में आया। इस बात को 200 से अधिक वर्ष हो चुके है । उन्होंने सबसे पहले यह दिखाया कि जब तारों से बिजली प्रवाहित की जाती है, तो वह तार गर्म होकर प्रकाश उत्पन्न करता है।

वहीं, उनके द्वारा तैयार किए गए पहले युग के उपकरण केवल कुछ घंटों के लिए चल पाते थे। लेकिन अमेरिकी आविष्कारक थॉमस एडिसन को बल्ब का आविष्कार करने का पूरा श्रेय दिया जाता है क्योंकि उन्होंने 1879 में कार्बन फिलामेंट लाइट बल्ब का आविष्कार कर पूरी दुनिया में पेश किया था। एडिसन ने पतले कार्बन फिलामेंट के साथ साथ एक बेहतर डिजाइन भी पेश किया जिसमें बेहतर वैक्यूम का इस्तेमाल किया गया, जो बाद में वैज्ञानिक और व्यावसायिक दोनों चुनौतियों को खत्म करने में सफल रहा और आखिरकार लाइट बल्ब तैयार हो गया।

Green Star

थॉमस एल्वा एडिसन के बारे में 5 फैक्ट्स

– दोस्तों बिजली के बल्ब का आविष्कार करने में उन्होंने कड़ी मेहनत की थी, एडिसन बल्ब बनाने में 10 हजार बार से अधिक बार असफल हुए। जिस पर उन्होंने कहा था कि – ‘मैं कभी नाकाम नहीं हुआ बल्कि मैंने 10,000 ऐसे रास्ते निकाले लिए जो मेरे काम नहीं आ सके

Green Star

– दोस्तों एडिसन ने अपनी पहली प्रयोगशाला सिर्फ 10 साल की उम्र में ही बना ली थी। उनकी माता ने उन्हें एक ऐसी पुस्तक दी थी जिसमें कई सारे रसायनिक प्रयोग दिए हुए थे। एडिसन को यह पुस्तक बहुत ही अच्छी लगी और उन्होंने अपने सारे पैसे रसायनो पर खर्च करके यह सारे प्रयोग कर डाले।

Green Star

– दोस्तों एडिसन को अपने बचपन में प्रयोग जारी रखने के लिए पैसो की जरूरत होती थी। पैसे कमाने के लिए वह ट्रेन में अखबार और सब्जी बेचते थे।

Green Star

– एडिसन को पहली बार बल्ब बनाने में 40 हजार डॉलर की लागत आई थी।

Green Star

– थॉमस एडिसन कि मृत्यु 18 अक्टूबर 1931 को हुई।