Tractor ka avishkar kisne kiya पूरी जानकारी 2023

क्या आप भी ये सोच रहे हैं कि Tractor ka avishkar kisne kiya? तो हम आपको बता दें कि ट्रैक्टर का आविष्कार दो अमेरिकी आविष्कारक ने 19वीं शतब्दी में किया था, पहले ‘बेंजामिन लेरॉय होल्ट‘, और दूसरे आविष्कारक ‘चार्ल्स दिन्मूर’ है।

आज के आधुनिक समय में हमारे सभी काम मशीनों कि मदद से होते हैं जिसमे से एक मशीन ट्रेक्टर भी है जिससे हमारे कृषि के सारे कार्य किये जाते हैं। अगर ट्रेक्टर न हो तो अभी के समय में इसके बिना कृषि करने की सोचना भी असंभव सा है।

लेकिन क्या कभी आपने यह सोचा है कि Tractor ka avishkar kisne kiya? और अगर किया तो किस सोच से किया होगा? यह जानना हमारे लिए बहुत ही रोचक हो सकता है तो चालिए जानते ट्रेक्टर का पूरा इतिहास।

पहले जानिए ट्रैक्टर क्या है?

ट्रैक्टर अगर हम शुरू में ट्रैक्टर को एक छोटी माल गाड़ी कहें तो ये भी झूठ नहीं होता लेकिन आज के समय में ट्रैक्टर के द्वारा इतने सारे काम होते है कि यह एक multitasking उपकरण बन गया है।

जैसा कि हम केवल अगर कृषि के क्षेत्र में देखें तो धान कि बुवाई से लेकर धान कि कटाई या किसी भी फसल कि बुवाई या कटाई में कहीं न कहीं ट्रैक्टर का उपयोग अवश्य किया जाता है और अगर न किया जाए तो फसल के आवागमन के लिए तो ट्रैक्टर कि प्राथमिक साधन है।

अगर हम निर्माण के क्षेत्र में देखें तो ट्रैक्टर कि महत्वपूर्णता यहाँ भी नजर आती है क्योंकि निर्माण में उपयोग होने वाले कई तरह के उपकरण ट्रैक्टर द्वारा ही उपयोग किये जाते हैं तथा समान का ला ले जाना भी ट्रैक्टर के द्वारा ही होता है। इसलिए यह कहाँ जरा भी गलत नहीं है कि ट्रैक्टर एक multitasking उपकरण या मशीन है।

Tractor ka avishkar kisne kiya tha

19वीं शताब्दी की शुरुआत में पहले Tractor उपकरण बनाया गया जिसमें भाप पोर्टेबल इंजन थे। उस समय किसानों ने इस स्टीम पोर्टेबल इंजन का उपयोग लचीले बेल्ट के माध्यम से हारवेस्टर को चलाने के लिए किया था।

रिचर्ड ट्रेविथिक ने 1812 में कृषि उपयोग के लिए पहला ‘अर्ध-पोर्टेबल स्थिर भाप इंजन’ डिजाइन किया, जिसे बार्न इंजन के रूप में जाना जाता था, और इसका उपयोग मकई थ्रेशिंग मशीन को चलाने के लिए किया जाता था।

पोर्टेबल इंजन ट्रैक्टर का आविष्कार 1893 में बोस्टन, लिंकनशायर के विलियम टक्सफ़ोर्ड द्वारा किया गया था। 1850 के दशक में, जॉन फाउलर ने कृषि के लिए केबल ढुलाई के सार्वजनिक प्रदर्शनों में उपकरण चलाने के लिए क्लेटन और शटलवर्थ पोर्टेबल इंजन का इस्तेमाल किया

संयुक्त राज्य अमेरिका में, जहां मिट्टी की स्थिति की अनुमति है, सीधे हल चलाने के लिए भाप ट्रैक्टरों का उपयोग किया जाता था। विश्वसनीय आंतरिक दहन इंजनों के विकसित होने तक भाप से चलने वाले कृषि इंजन 20वीं शताब्दी तक उपयोग में बने रहे।

पहला व्यावसायिक ट्रैक्टर

पहला व्यावसायिक रूप से सफल हल्का पेट्रोल चालित सामान्य प्रयोजन ट्रैक्टर 1901 में एक ब्रिटिश आविष्कारक डैन एल्बोन द्वारा बनाया गया था। उन्होंने 15 फरवरी 1902 को अपने ट्रैक्टर डिजाइन के लिए पेटेंट के लिए आवेदन किया और फिर इवेल एग्रीकल्चर मोटर्स लिमिटेड का गठन किया। उन्होंने अपनी मशीन को इवेल एग्रीकल्चरल मोटर कहा; बाद में जब तक “ट्रैक्टर” शब्द आम उपयोग में नहीं आया। ईवेल कृषि मोटर हल्की, शक्तिशाली और कॉम्पैक्ट थी।

इसमें ठोस रबड़ के टायरों के साथ एक आगे का पहिया था, और आधुनिक ट्रैक्टर की तरह दो बड़े पहिए थे। इंजन ने वाष्पीकरण द्वारा पानी को ठंडा करने का इस्तेमाल किया। इसमें एक फॉरवर्ड और एक रिवर्स गियर था। बाईं ओर एक पुली व्हील ने इसे एक स्थिर इंजन के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति दी, जिससे कृषि मशीनरी की एक विस्तृत श्रृंखला को शक्ति मिली।

भारत में ट्रैक्टर का आविष्कार कब हुआ था?

भारत में ट्रैक्टरों का उपयोग आजादी के बाद शुरू हुआ, जो ‘हरित क्रांति’ के कारण हुआ। इस क्रांति के बाद भारत में ट्रैक्टरों की उपयोगिता बढ़ी और भारत में ट्रैक्टरों का आविष्कार 1950 से 1960 के दशक में शुरू हुआ।

भारत में पहला ट्रैक्टर कौन लाया था?

जर्मनी की आयशर ने भारत में लगभग 1500 ट्रैक्टरों का आयात और बिक्री की। आयशर 24 अप्रैल 1959 को अपने फरीदाबाद कारखाने से पहले स्थानीय रूप से इकट्ठे ट्रैक्टर के साथ निकला और 1965 से 1974 की अवधि में भारत में पहला पूर्ण निर्मित (100% स्वदेशी) ट्रैक्टर बन गया।

ट्रैक्टर को हिंदी में क्या कहा जाता है?

ट्रैक्टर को कर्षित्र हिंदी में कहा जाता है।

दुनिया की सबसे बड़ी ट्रैक्टर कंपनी कौन सी है?

1983 में महिंद्रा दुनिया की सबसे बड़ी ट्रैक्टर बनाने वाली कंपनी बन गई।

आज आपने क्या सीखा

तो दोस्तों आज के इस लेख में हमने पको बताया कि Tractor ka avishkar kisne kiya अगर आपको हमारे लिखा गया यह लेख Tractor ka avishkar kisne kiya पसंद आता हो तो कृपया इसे नया लोगों तक जरूर शेयर करें और यदि आपके मन में इससे संबंधित कोई सवाल है तो कमेन्ट में जरूर पूछें।

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