Goodbye Movie Review Hindi 2022: देखिए आखिर कितना असरदार है राश्मिका और अमिताब बच्चन कि जोड़ी!! box office collection?

Goodbye Movie Review Hindi :- दोस्तों अमिताभ बच्चन 11 अक्टूबर को 80 साल के हो रहे हैं, जन्मदिन से पहले उन्होंने गुडबाय में अपनी दमदार एक्टिंग से साबित कर दिया कि उन्हें सदी का महानायक क्यों माना जाता हैं।

कौन इस दुनिया को अलविदा कहने की योजना बनाता है। इसी के इर्द-गिर्द निर्देशक और लेखक विकास बहल ने फिल्म Goodbye की कहानी गढ़ी है। मुंबई की वकील तारा (रश्मिका मंदाना) अपना पहला केस जीतने के लिए पार्टी कर रही है। माँ का फोन आता है, लेकिन वह डिस्कनेक्ट हो जाती है। अगले दिन पता चलता है कि चंडीगढ़ में रहने वाली उसकी मां गायत्री भल्ला (नीना गुप्ता) का निधन हो गया है।

गुडबाय की कहानी (Story of ‘Goodbye’) Goodbye Movie Review Hindi

फिल्म की कहानी तारा भल्ला (रश्मिका मंदाना) की जीत पार्टी से शुरू होती है, जहां वह अपना एक केस जीतने का जश्न मना रही है। उनके पिता हरीश भल्ला (अमिताभ बच्चन) उन्हें चंडीगढ़ स्थित उनके घर से लगातार फोन कर रहे हैं। लेकिन पार्टी में मस्त तारा फोन कॉल्स को इग्नोर कर देती है।

अगली सुबह उसे पता चलता है कि उसकी माँ गायत्री (नीना गुप्ता) का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है और इसीलिए उसके पिता उसे बुला रहे थे। तारा अपराध की गहरी भावना से घिरी हुई है। परिवार के अन्य सदस्यों में बड़ा बेटा अंगद (पावेल गुलाटी) और फिरंग बहू डेज़ी (एली अवराम) विदेश शिफ्ट हो गई है, दूसरा दत्तक पुत्र भी विदेश में है और एक छोटा बेटा पर्वतारोहण के लिए गया है।

अब हरीश और गायत्री के बच्चे किन परिस्थितियों में अपनी मां के अंतिम संस्कार में पहुंचते हैं, यहीं से फिल्म की कहानी आगे बढ़ती है. लेकिन इस कहानी में गायत्री के अंतिम संस्कार की रस्मों के माध्यम से पात्रों की मानसिक, सामाजिक और आर्थिक स्थिति का वर्णन किया गया है।

जहां एक ओर आधुनिक बेटी तारा इन संस्कारों को अंधविश्वास बताती है, तो पिता हरीश उसे आस्था का नाम देते हैं, लेकिन इस मान्यता के पीछे का विज्ञान और तर्क, जिसकी जिम्मेदारी पंडित (सुनील ग्रोवर) जी कंधों पर है।

Goodbye Movie Review Hindi : देखिए आखिर कितना असरदार है राश्मिका और अमितब बच्चन कि जोड़ी!!

आस्था या विज्ञान हैं? (Goodbye Movie Review Hindi)

उसके पिता हरीश भल्ला (अमिताभ बच्चन) उससे नाराज हैं। जब वह घर पहुँचती है, तो गायत्री के मृत शरीर को उसके नथुने में रुई डालकर, पैर की उंगलियों को आपस में बाँध कर वहाँ रख दिया जाता है। तारा को ये सारे रिवाज पसंद नहीं हैं। वह पिता से कहती है कि इसमें कोई लॉजिक नहीं है।

पिता का कहना है कि ये रिवाज हजारों साल से चले आ रहे हैं। गायत्री के तीन और बेटे हैं। बड़ा बेटा करण (पावेल गुलाटी) अपनी पत्नी डेज़ी (एली अवराम) के साथ अमेरिका से लौटता है। दत्तक पुत्र अंगद (साहिल मेहता) दुबई से आता है। तीसरा बेटा नकुल (अभिषेक खान) एक पर्वतारोही है, वह सभी रस्में खत्म होने के बाद पहुंचता है। क्या इन रीति-रिवाजों में कोई तर्क है या यह विज्ञान है, जिसे आस्था से जोड़ा जा रहा है।

इंटरवल में ठंडी है फिल्म (Goodbye Movie Review Hindi)

डायरेक्टर विकास ने अपने इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें इस फिल्म को बनाने का आइडिया अपने दोस्त से मिला। जिसके पिता ने उससे कहा था कि मेरे जाने के बाद सारे रीति-रिवाज एक दिन में खत्म हो जाएं, क्योंकि मैं श्रीकृष्ण के साथ समय बिताऊंगा और तुम मुझे इन रीति-रिवाजों से परेशान करोगे।

मौत और अंतिम संस्कार पर कॉमेडी ड्रामा बनाना आसान नहीं है। विकास का प्रयास अच्छा है, लेकिन अंत तक वह यह नहीं बता पाता है कि वह रिवाज में कोई तर्क खोजने की कोशिश कर रहा है या वह इसे विज्ञान भी मानता है। मध्यांतर के बाद फिल्म विषय से भटक जाती है।

कई जगहों पर भावनात्मक Goodbye (Goodbye Movie Review Hindi)

एक समय ऐसा लगता है कि अब फिल्म खत्म हो जानी चाहिए, लेकिन उसके बाद तीसरे बेटे की एंट्री से फिल्म लंबी हो जाती है। कुछ तस्वीरों में युवा हरीश के गायत्री को प्रपोज करते हुए सीन दिखाई दे रहे हैं। इसमें युवा अमिताभ की तस्वीरें देखना दिलचस्प है।

गायत्री की मृत्यु के बाद, अपने बच्चों को उसकी माँ के नंबर पर मैसेज करने के बारे में सोचें, हरीश अपनी पत्नी की मृत्यु के तुरंत बाद बैठे और अंतिम संस्कार की वस्तुओं की सूची बनाकर, राख को बहाने से पहले पत्नी की राख से बात करते हुए कि इन अनुष्ठानों के बारे में मुझे बात करने का समय नहीं मिला, घर का कुत्ता मालकिन के लिए दुखी होकर इस सीन को इमोशनल कर देता है।

संगीत में दिखा दम! (Goodbye Movie Review Hindi)

पावेल, साहिल और आशीष विद्यार्थी अपने किरदारों में फिट बैठते हैं। पंडित के छोटे से रोल में सुनील ग्रोवर प्रभावित करते हैं। एली अवराम का कोई विशेष संवाद नहीं है। संपादक ए श्रीकर प्रसाद कुछ गानों को टाइट एडिटिंग के साथ काटकर फिल्म की अवधि को छोटा कर सकते थे। अमित त्रिवेदी का संगीत और बैकग्राउंड स्कोर अच्छा है। स्वानंद किरकिरे का गाना जयकाल, महाकाल… गाना रोंगटे खड़े कर देता है।

Goodbye Movie Box Office Collection Day Wise

Day 11-1.5 करोड़
Day 22-3 करोड़
Day 3TBA
Day 4TBA
Day 5TBA
Day 6TBA
Day 7TBA
Goodbye Movie Review Hindi Box Office Collection Day Wise

Goodbye Box Office Day 1 collection

Goodbye के लिए यह आश्चर्यजनक रूप से खराब शुरुआत थी क्योंकि पहले दिन केवल 1 करोड़* ही आए थे। इस कॉलम में भविष्यवाणी की गई थी कि 1-1.5 करोड़ की और वह भी कम उम्मीदों के साथ।

Goodbye Box office collection Day 2

अमिताभ बच्चन और रश्मिका मंदाना-स्टारर अलविदा अपने शुरुआती सप्ताहांत में भारी कमाई करने में विफल रही। फिल्म ने शुक्रवार को 2-3 करोड़ रुपये का संग्रह किया और सिनेमाघरों में 18.34 प्रतिशत दर्शकों के साथ अपने पहले शनिवार को 1.5 करोड़ रुपये कमाए।

गुडबाय
Goodbye Movie -

Director: विकास बहल

Date Created: 2022-10-07 18:00

Editor's Rating:
2.5
Manshu Sinha

Manshu Sinha

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